
मूल नक्षत्र मूल नक्षत्रो में जब शिशु का जन्म हो तब...
मूल नक्षत्र मूल नक्षत्रो में जब शिशु का जन्म हो तब पिता को मुह नहीं देखना चाहिये ! अगर देखना अनिवार्य हो तो बच्चे के चुनी से ढक कर देख सकते हो ! इसकी पूजा व् शांति विधान २७, २८, २९ वै दिन पर होती है जब वो नक्षत्र आता है ! नक्षत्र ---------प्रथम चरण ------ द्वितीय चरण --------- तृतीय चरण --------- चतुर्थ चरण अशिवनी --- पिता को कष्ट ------ सुखी, ऐश्वर्य -----------मंत्री पद ------------- राज सम्मान माघ --------- माता को कष्ट ------ पिता को कष्ट --------- सुख -------------- धनवान, विद्वान जयेष्ठा ------ बड़े भाई को कष्ट -----छोटे भाई को कष्ट---- माता को कष्ट ------- स्वयं को कष्ट रेवती ------- राज सम्मान -------- मंत्री पद -------------धन सुख प्राति -------अनेक कष्ट अश्लेषा ------ पिता को कष्ट --------- माता को कष्ट ------- धन हानि -------------- सुख मूल --------- शुभ ----------------- धन हानि ------------- मात कष्ट ------------- पितृ कष्ट
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